Tulsi Gabbard : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इस वक्त यूएसए में है और उन्होंने वाशिंगटन डीसी में यूएसए की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से मुलाकात की है। पीएम मोदी ने इस दौरान तुलसी गबार्ड को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी। भारत के प्रधानमंत्री और यूएसए की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक की यह मुकालात बेहद खास रही है। सभी इस महिला की तारिफ कर रहे हैं, जिन्होंने पूरे सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी जी का स्वागत किया। तो जानते है आज यूएसए की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के बारे में, जो भारतीय मूल नहीं है पर भारतीय संस्कृति से उन्हें विशेष लगाव है।
विदेश में कैसे चमका हिंदू धर्म से जुड़ा नाम
तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) खुद को हिंदू धर्म से जुड़ी बताती हैं, हालांकि वे भारतीय मूल की नहीं हैं। तुलसी गबार्ड की मां हिंदू धर्म से बहुत प्रभावित होकर, कृष्ण की पूजा करने लगी। यही वजह है की उन्होने अपनी बेटी का नाम तुलसी रखा। मां का हिंदू धर्म से गहरा जुड़ाव बेटी में उत्पन्न हुआ। गबार्ड अक्सर कृष्ण मंदिर में दिखाई देती रहती है, वे वहां भजन भी गाती है। उन्हें इसमें बेहद आनंद आता है।
मात्र 21 साल की उम्र में राजनीति में रखा कदम (Tulsi Gabbard)
तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) ने 21 साल की उम्र में राजनीति में कदम रखा और डेमोक्रेटिक पार्टी से चार बार सांसद रह चुकी हैं। वे व्हाइट हाउस होमलैंड सिक्योरिटी कमेटी में भी दो साल तक सेवा दे चुकी है। तुलसी गबार्ड लेफ्टिनेंट कर्नल के तौर पर ईराक युद्ध में हिस्सा ले चुकी हैं। वे अमेरिकी आर्मी रिजर्विस्ट भी रह चुकी हैं। वे देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर्य रहती है और सच का साथ निभाना पसंद करती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने तुलसी गबार्ड से हुई मुलाकात के बारे में एक्स पर पोस्ट लिखा। जिसमें उन्होंने बताया कि तुलसी गबार्ड के साथ भारत-यूएसए मित्रता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। जिसकी गबार्ड हमेशा से प्रबल समर्थक रही हैं।